Monday, October 19, 2020

 ना दिल मे ख़ुशी है 

ना मन को शान्ति 

ना ही होठों पे है मुस्कुराहट 

जब भगवान् ने खुद 

मेरे तक़दीर में आँसू लिखे है 

तो किस्से करू शिखायत 

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