अच्छे दिन थे वो , सुनहरे पल
जब मे काम करती थी
कुछ पैसे कमाती थी !!
फिर एक दिन गुस्ताक़ दिल ने सोचा
एम.टेक करू तो करियर होगा और भी अच्छा !!
बाद मे ली मैने एंट्रेन्स परीक्षा
रिज़ल्ट का करती रही प्रतीक्षा !!
इन्ही दीनो मे किया मैने गूगल
जानने के लिए कौन सा कॉलेज हे अव्वल !!
फिर रिज़ल्ट आया रॅंकिंग भी ठीक ठाक था
काफ़ी सारे कारणों से पास वाला कॉलेज जाना ही समाझधारी था !!
फिर मैने आस पास के कोल्लेजोंकी बोहोत एंक्वाइरी किया
क्या फाय्दा जब मेरे नसीब मे था एट्रीया !!
उसी प्रेशर कुक्कर मे १स्ट सेम हॉगेया, २न्ड सेम ख़तम होंनेको आया
अब कुछ माँगूंगी नही भगवान से ज़्यादा
जल्द से जल्द ४त सेम ख़तम करके कहना चाहती हू अलविदा !!